करोड़ों रुपये की ज़मीन का फ़र्ज़ी इक़रारनामा मृतक महिला को जिंदा दिखा किया तैयार, फिर ज़मीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

लखनऊ : ज़मीन की धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस को भी चौंका दिया है। जालसाज़ों ने 29 साल पहले 1886 में मर चुकी छेदना देवी को कागज़ों में ज़िंदा दिखाकर उनकी करोड़ों रुपये की ज़मीन का फ़र्ज़ी इक़रारनामा तैयार कर लिया। फिर ज़मीन बेचने के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए।

मृतका के बेटे को जब इसकी जानकारी हुई, तो उसने ख़रीदार से संपर्क किया और मामला पुलिस के संज्ञान में लाया गया। जाँच के बाद पुलिस ने दो लोगों को गिरफ़्तार कर लिया।

ठाकुरगंज के मोहिनी पुरवा निवासी गणेश प्रसाद यादव ने बताया कि उनकी माँ छेदना देवी का 1996 में निधन हो गया था। छेदना देवी के पास फैज़ुल्लागंज में लगभग 2,700 वर्ग फुट ज़मीन थी, जिसकी क़ीमत लगभग दो करोड़ रुपये थी। इस ज़मीन का फ़र्ज़ी इक़रारनामा बनाकर उसे बेच दिया गया।

वज़ीरगंज थाना प्रभारी राजेश त्रिपाठी ने बताया कि ठाकुरगंज मल्लाही टोला निवासी संतोष कुमार यादव और एजाज हुसैन ने ज़मीन के फ़र्ज़ी दस्तावेज़ तैयार किए। मृतक छेदना देवी की जगह किसी और महिला को खड़ा करके ज़मीन का फर्जी बिक्री अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए। इसके बदले लाखों रुपये ऐंठे गए।

बेटे की सूझबूझ से खुला धोखा: ज़मीन का सौदा जब अंतिम चरण में था, तभी मृतक के बेटे गणेश प्रसाद यादव को इस धोखाधड़ी का पता चला। उसने तुरंत ज़मीन खरीदने वाले व्यक्ति से संपर्क किया और उसे धोखाधड़ी की जानकारी दी।

गणेश की शिकायत पर वज़ीरगंज पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी। जाँच के दौरान संतोष कुमार यादव और एजाज हुसैन के नाम सामने आए। दोनों को शनिवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया।

इंस्पेक्टर वज़ीरगंज राजेश त्रिपाठी ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि इस पूरे फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

नोट: अगर आपको यह खबर पसंद आई तो इसे शेयर करना न भूलें, देश-विदेश से जुड़ी ताजा अपडेट पाने के लिए कृपया NPR BHARAT NEWS के Facebook पेज को LikeTwitter पर Follow करना न भूलें...

Related posts